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Thursday, October 5, 2017

Vision OF Kanpur: Narration IN Hindi


*कानपुर*

Taken FROM Google


किसी महान आदमी ने कभी कहा था कि किसी शहर के असल रंग को देखना है तो उसकी सुबह देखो।
शाम तो दूसरों की नकल में तबाह कर बैठे है लेकिन सुबह हर शहर की अपनी जागीर होती है।
बनारस में पूरी सब्जी और जलेबी सुबह के वक्त बिकना कोई दस साल पहले शुरू नही हुए है।
पता नही कब से यही नाश्ता बनारसी करते आये है।
हा शाम को बिकने वाला मोमोज़ नया है।
नई आने वाली हर चीज कितना भी चाह ले किसी शहर की सुबह के बीच जगह नही बना पाती।
आज मेरे साथ भी यही हुआ...





सुबह के चार बजे कानपुर पहुच गया, दस बजे काम था इसलिए छः घंटे खाली ही था।
फेसबुक पर लोगो की बताई हुई चाय की जगह को खोजने निकल पड़ा।  चाय तो न मिली लेकिन बहुत कुछ मिल गया देखने समझने को।
कानपुर, बनारस और लखनऊ जैसे पुराने शहर घूमने के नही पढ़ने के लायक होते है।  ये अपने आप मे एक किताब है, जिसे आप पन्ना दर पन्ना,  कदम दर कदम पढ़ सकते है।
आज कानपुर को भी मैंने पढ़ा।
इस शहर में अलग अलग जगह के नाम बड़ी मुहब्बत से रखे गए है, जैसे कोई दोस्त अपने जिगरी दोस्त का नाम रखता है बिल्कुल उसी तरह।
अफीम कोठी, कोका कोला चौराहा, झकरकटी,
वगैरह इसी तरह के नाम है, और इन नामो की सबसे बड़ी खासियत की सवारी को बुलाते वक्त फ्लो बहुत तगड़ा बनता है।
कानपुर में दो चीजें बाकी शहरों से अलग है,
पहली यहां का ऑटो (विक्रम) बाकी शहरों से बड़ा है।
और यहां की बस बाकी शहरों की बसों से छोटी होती है।
मतलब इतनी की यहाँ की ये छोटी बसे, पतले और जाम भरे रास्तो में दिन के कई चक्कर लगाती है।






विक्रम वाले टेम्पो की कहानी ये है कि आपको यहां यात्रियों का आपसी ताल मेल देखने को मिलता है,
कभी आप किसी की गोद मे बैठे होंगे,
तो कभी कोई आपकी गोद मे बैठा रहेगा।
पर मजाल है कि किसी को जरा भी शिकायत हो।
छोटी बस के कंडक्टर को नौकरी से निकाल दिया जाता है अगर उसने कभी किसी सवारी को जगह की कमी से बिठाने से इनकार कर दिया।
मतलब आइए और घुसते जाइये,
बाकी सब ऊपर वाला करता जाएगा।
कानपुर रेलवे स्टेशन के सामने की आधी सड़क पर बाजार लगा हुआ है, बाकी की सड़क पर ऑटो खड़े है,
जो जगह बचती है, उसमे से हमारी ये बसे अपना काम चलाती है।  जाम लगता है, लेकिन यहां हॉर्न नही बजाते ज्यादा, बस ड्राइवर खिड़की से सर निकालकर बस चिल्लाता रहेगा सामने वाले के ऊपर।
लेकिन हॉर्न नही इस्तेमाल करता।
बस में भीड़ इतनी होती है कि किराया मांगने पर अगर आप ये कह दे कि अभी तो दिया था तो कंडक्टर चुपचाप मान लेगा।
सुबह नाश्ते की कहानी तो आप जानते ही है,
लेकिन एक अजीब चीज देखी मैने, यहां ठेलों पर बन मख्खन के साथ छाछ टाइप कुछ बिकता है नाश्ते के टाइम।
यहां सड़क के किनारे हर किलोमीटर पर आपको मंदिर मिल जाएगा, लेकिन अच्छी बात ये है कि और शहरों की तरह ये खाली नही रहता, एक दो लोग लगभग हर मंदिर में दिखे मुझे।
एक तो यहां इतने दानी लोग है कि पूछिये मत,
पासपोर्ट अफिस के बगल में बने हनुमान जी के मंदिर के बाहर बैठे भिखारियों के पास इतनी मिठाई और बिस्किट के पैकेट मिलेंगे आपको की उतने में आधे पाकिस्तान की चीनी की सप्लाई पूरी हो जाएगी।
झकरकटी से जब रावतपुर की तरफ बढ़ेंगे तो आपको रास्ते मे ढेर सारे रावण औंधे मुंह पड़े मिलेंगे,
ये वो रावण है जो इस बार बिक नही पाये।
इनका हाल भी उसी तरह है जैसा हर आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का होता है।  या शायद अभी तक कानपुर में दशहरा नही मनाया गया, इस बारे में मेरी जानकारी गलत भी हो सकती है।  इसे बनाने वाले लोग जल्द ही इसे जलाकर अपने लिए रोटी बना लेंगे।
रोटी और दानी से याद आया,यहां रोटी बैंक है,
और जहा तक मुझे पता चला है,
ये बहुत अच्छे से काम करता है आमजनों की सहायता लेकर! मतलब भूख का निपटारा तो लगभग कर लिया है कानपुर ने।



इस छोटे से सफर में मुझे कैंसर के तीन अस्पताल दिखे कानपुर में, मतलब सरकार को भी सोचना चाहिए,
जिन्हें अस्पताल अपने आस पास देख कर डर नही लगा,
वो पैकेट पर छपे वैद्यानिक चेतावनी से डर जाएंगे?
बेवजह सिगरेट और गुटखे की पैकेट पर दाग लगाए बैठी है सरकार।
यहां पूरे शहर में कही भी आने जाने का किराया पन्द्रह बीस रुपये से ज्यादा नही लगा मुझे।  शायद इसलिए यहां यूबर और ओला की दाल गलके हलवा हो चुकी है।
कोका कोला चौराहे के पास सुबह 5:30 से 9 बजे तक आयुर्वेदिक जूस मिलता है।  दस रुपये ग्लास,
नीम आंवला और किसी और एक फल का।
यहां के बच्चे जो भीख मांगते है,
वो आपसे पैसा नही बल्कि खाने का दाम मांगते है।
मतलब बस पेट भरने से मतलब है।
सड़क के किनारे छोटी छोटी बाउंड्री पर जो विज्ञापन के लिए, नीले और कई रंगों से पेंटिंग की गई है,
वो देखने मे अलग ही दिखती है।
आप को यहां पानी पूरी नही पर पानी के बताशे मिल जाएंगे खाने को। लोग यहां कम बोलते है,
क्यों ये आप जानते होंगे।
खैर आज एक सीख मिली,
मुझे अगर दुनिया घुमनी है तो शुरुआत इन शहरों से करनी होगी।
और इन शहरों की सुबह से।


और हा उपर जिस महान आदमी का जिक्र है,
वो मैं ही हूँ।
और कोई बात तथ्य गलत लिखा हो तो कृपया उसी तरह इग्नोर मार दे जैसे रास्ता पूछने वाले को कानपुर के लोग इग्नोर मार देते है। अब दो कौड़ी के एड्र्स के लिए कौन 5 रुपये की पुड़िया थूके?
तो इस दिलदार शहर को देखकर एक बात समझ आयी,
चाहे गलतफहमी अफवाह कुछ भी हो जाये,
इस शहर के लोग अपने शहर को जलने तो बिल्कुल न देंगे।
इसलिए मेरे दोस्तों भाइयो,
कानपुर एक ऑटो है,
यहां कभी आप किसी की गोंद में बैठिए,
कभी कोई और आपकी गोंद में बैठेगा,
प्रेम से रहिये, आखिर सफर तो आप दोनो को ही हर रोज इसी तरह एक दूसरे की गोद मे बैठकर करना है।
इसलिए भाइयो बहनों,
जरा खसकिये। ;)





Credits : Sarcasm-O-Pedia
Sahi HAI Mitron, Kisi BHI Sheher KI Stithi(Condition) Jaanna HAI TO WAHAN KI Subah Dekho KYUNKI Suruwat TABHI HOTI HAI!!

Monday, May 29, 2017

Real World Vs Virtual World[Facebook] | The Indian Creativity





THIS IS Virtual World[Mostly IN #Facebook] Where People:

By Abhishek Creates

=> CAN #Pray FOR SomeOne JUST BY Commenting "Amen"!!




=> CAN Save SomeOne'S #Life JUST BY Liking A #Post!!




=> CAN Respect SomeOne BY JUST A Like!!




=> CAN #Help SomeOne JUST BY Commenting "Amen"!!




& At Last THIS Happens: 👅





So Much #Humanity IN #Virtual_World, May IT Enter IN #Reality Too!!


Share IF U HAVE Humanity FOR Me!! :D


(Y)

Sunday, September 25, 2016

Friday, September 23, 2016

Facebook Facts You Didn't Know


So All of you know that Facebook is a for-profit corporation and online social media and social networking service based in Menlo Park, California, United States.


But We HAVE Some-Facts TO Tell_You More_About THE Largest_Network IN THE World.


1]  Facebook’s ‘Like’ button used to be the ‘Awesome’ button. Facebook engineer Andrew Bosworth said that he and other engineers were enthusiastic about the “Awesome” button, but that the idea was ultimately vetoed by Zuckerberg in 2007. The site eventually settled on the “Like” button, a decision that Bosworth said was met with a decidedly lukewarm reception.

Give A Like ON The Indian Creativity


2] Facebook stores approximately 300 PETABYTES of user data on its servers. There are 1 million gigabytes in a petabyte. The entire written works of humankind, in every known language (including Latin and other historical languages) from the dawn of recorded history, would occupy approximately 50 petabytes. Think about that for a minute.




3]  Facebook’s user base grows by eight people per second, or 7,246 people every 15 minutes.Some naysayers have foretold of Facebook’s impending demise, but aside from boasting the largest user base of any social network in the world by a gigantic margin, this statistic proves Facebook is still growing.



4] In 2015, Facebook boasted 22% of WORLDWIDE mobile Internet advertising revenue. That means almost one-quarter of all advertising revenue generated from mobile Internet ads in a single year went to Facebook.




5] Videos are the most-shared content type on Facebook. On average, videos receive 89.5 shares per video, significantly higher share counts than photos or text-based posts.



6] Posts published between 10 p.m. and 11 p.m. EST receive approximately 88% more interactions on average than posts published at other times of the day. Also, ending posts with a question lifts interactions with those posts by an average of 162%.





7] The reason Facebook is blue: Zuckerberg is colorblind




8] In 2006, a guy named Chris Putnam hacked into Facebook and made thousands of profiles look like MySpace profiles. Facebook hired him.=> Simply Use  :putnam: IN YOUR Chats/Comments TO See!! ;)





9] In 2011, Iceland took the help of Facebook in rewriting its constitution. Two thirds of Iceland's population is on Facebook, so the constitutional council used Facebook to rewrite its constitution where citizens could use the social network to make their own suggestions, engage in online debates, or follow the proceedings in real-time.



10] Mark Zuckerberg didn't want to add photo-sharing to Facebook, but Sean Parker convinced him to. Facebook is now the most popular photo-sharing site.